मंगनी में या मंगनी के बाद मर्द व औरत का मुलाक़ात करना कैसा है* 01
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_18/01/1445_*
*_मोहर्रमुल हराम_*
*_⛅ दिन; इतवार_*
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_06/08/2023_*
*_अगस्त_*
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*🧮 पोस्ट 166▪️*
*📝 सवाल :-*
*📇 मंगनी में या मंगनी के बाद मर्द व औरत का मुलाक़ात करना कैसा है*
*✍️ जवाब -:*
*📇 हज़रत उमर रदियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि कोई मर्द किसी औरत से ख़िलवत नहीं कर सकता मगर इसमें तीसरा शैतान होता है।*
*इस बारे में मज़हर इमाम आज़म मुहीउल हनफियत शाह अहमद रज़ा फ़ाज़िल बरैलवी रहमतुल्लाहि अलैहि फ़रमाते है कि ख़िलवत अजनबी औरत के साथ हराम है।*
*📚 तिरमिज़ी शरीफ़*
*📚 फ़तावा रज़विया शरीफ़*
*👉 नोट : और वैसे भी अयाम जाहिलियत में औरतों का बेहिजाब ग़ैर मर्दों और अजनबियों के साथ ख़िलवत मिल्त रहना उनकी जाहिलाना तहज़ीब का एक हिस्सा था चुनांचे यह बात साबित हुई कि मर्द और औरत की बाहम मुलाक़ात हराम है अगरचे उनकी आपस मे मंगनी (Engagement) हो चुकी हो मंगनी मर्द और औरत की एक तऱीके से (शादी का वादा) है और इससे वह आपस मे मेहरम नहीं हो जाते लिहाजा मंगनी के बाद मिलना भी एक अजनबी ग़ैर मर्द से मिलने के बराबर है बल्कि ज़्यादा ख़तरनाक़ है।*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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